यह एक पहल है, खुद के लिए ताकि मैं महसूस कर सकू, उस स्थान को जिसे हम गांव कहते है। यह एक शोध की तरह है, खोज है, उस एहसास का जो गांवों में बसता है। इसके माध्यम से हर वो बात कहने का प्रयास होगा, जो गांव से जुड़ी है। यह अध्ययन, अनुभव, संवेदना एवं विकास के समन्वय से प्रस्फुटित अभिव्यक्ति है। ’’मेरे गांव से’’ एक शुरुआत है, उस कल्पना की जिसे एक दिन हकीकत में बदलना है।
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